देश की प्रमुख क्विक-कॉमर्स कंपनी जेप्टो ने IPO से पहले दाखिल किए गए अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में कई अहम जानकारियां साझा की हैं। कंपनी ने बताया है कि शुरुआत से लेकर अब तक वह लगातार घाटे में रही है और आने वाले समय में भी नुकसान जारी रह सकता है। कंपनी का कहना है कि नए ग्राहकों को जोड़ने, तकनीकी ढांचे को मजबूत करने, नए प्रोडक्ट लॉन्च करने और डार्क स्टोर नेटवर्क बढ़ाने के लिए उसे लगातार बड़े निवेश करने पड़ रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी नहीं कि भविष्य में राजस्व उसी गति से बढ़ता रहे।
FY26 में 5,900 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा
दस्तावेज के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में Zepto का शुद्ध घाटा बढ़कर 5,905 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया, जबकि एक साल पहले यह करीब 4,700 करोड़ रुपये था। हालांकि कंपनी की आय में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली। FY26 में ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर 22,623 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का घाटा कुछ कम जरूर हुआ, लेकिन अभी भी यह 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा बना हुआ है।
ED की जांच बना बड़ा जोखिम
IPO दस्तावेज में जेप्टो ने यह भी बताया कि अप्रैल 2026 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंपनी के को-फाउंडर आदित पलीचा और कैवल्य वोहरा को समन भेजा था। ED ने विदेशी निवेश, शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर और बिजनेस मॉडल से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। कंपनी का कहना है कि उसने जवाब जमा कर दिया है, लेकिन भविष्य में जांच आगे बढ़ने या कानूनी कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
डार्क पैटर्न मामले में भी फंसी कंपनी
जेप्टो को उपभोक्ता संरक्षण नियमों के उल्लंघन के आरोपों का भी सामना करना पड़ रहा है। कंपनी पर ग्राहकों को भ्रमित करने वाले कुछ डिजिटल तरीकों यानी डार्क पैटर्न इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। इस मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। हालांकि कंपनी ने इस आदेश को चुनौती दी है और फिलहाल उसे अंतरिम राहत मिली हुई है।
डार्क स्टोर नेटवर्क पर टिकी है पूरी रणनीति
कंपनी ने माना है कि उसका पूरा बिजनेस मॉडल डार्क स्टोर्स पर आधारित है। अगर वह इन स्टोर्स का विस्तार लागत प्रभावी तरीके से नहीं कर पाती है, तो उसके कारोबार और मुनाफे पर सीधा असर पड़ सकता है। वर्तमान में जेप्टो के पास 1,139 डार्क स्टोर हैं, जो पिछले दो वर्षों में तेजी से बढ़े हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
IPO से पहले जेप्टो ने साफ कर दिया है कि कंपनी तेजी से बढ़ जरूर रही है, लेकिन उसके सामने घाटा, नियामकीय जांच और बढ़ती प्रतिस्पर्धा जैसी कई बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी भविष्य में मुनाफे की राह पर कब और कैसे आगे बढ़ती है।